लक्ष्य के विरुद्ध महज 11.5 प्रतिशत भूमि में हो सकी है धान की रोपनी

शेखपुरा न्यूज़।वर्षा के घोर अभाव के कारण शेखपुरा जिला में सुखाड़ होने की संभावना बढ़ गई है। जिले में सावन माह में भी अब तक 11 .5 प्रतिशत भूमि में धान की रोपनी हो सकी है। हालांकि कई किसान अपने खेतों को बिजली मोटर और डीजल पंप से पटवन कर धान की रोपनी की है। लेकिन भीषण गर्मी और वर्षा के अभाव में रोपनी की धान की फसल को बचाए रखना मुश्किल दिख रहा है।

सुखाड़ की अंदेशा से किसान मायूस

इस बाबत शेखपुरा जिला कृषि पदाधिकारी शिवदत्त प्रसाद सिन्हा ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में इस जिले में 23000 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपनी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन जुलाई माह के अन्त तक अभी मात्र 2649 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपनी हो सकी। यानि लक्ष्य के विरुद्ध महज 11 .5 प्रतिशत भूमि में किसानों द्वारा धान की फसल की रोपनी किया जा सका। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में सामान्य वर्षा से अनुपात में आधा से भी कम वर्षा हुई। जिसके कारण शेखपुरा इस जिला में धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में सामान्य वर्षा 260 मिली मीटर होनी चाहिए थी।लेकिन 30 जुलाई तक मात्र 138 एमएम बारिश हुई।

Copy

उन्होंने कहा कि धान की रोपनी को बढ़ावा देने और पानी के अभाव में सूख रही फसल को बचाने हेतु जिले के किसानों को डीजल अनुदान की राशि दी जा रही है। जो कि अक्टूबर माह तक वर्षा न होने की स्थिति में फसल के तीन पटवन हेतु दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि डीजल अनुदान की राशि प्रति एकड़ 600 रुपए की दर से दी जाएगी। एक किसान को जायदा से ज्यादा 8 एकड़ भूमि में लगी फसल के पटवन के लिए डीजल अनुदान की राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शेखपुरा जिले के किसानों को डीजल अनुदान की राशि का अनुदान देने हेतु 29 जुलाई शुक्रवार से उनका आवेदन ऑनलाइन लिया जाना शुरू कर दिया गया है।उधर सुखाड़ की आशंका के मद्देनजर जिले किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है।

source:शेखपुरा की हलचल

Facebook Comments Box