शेखपुरा

बरबीघा : युवाओं के लिए नए रोजगार का स्टार्टअप बना पुराने कपड़े से रुई बनाने की मशीन

बरबीघा। दूसरे प्रदेशों में जाकर बिहार के युवा मजदूर अपना घर चलाने को विवश हैं। वहीं, कुछ युवा दूसरे प्रदेशों में जाकर वहां से रोजगार का हुनर ढूंढ़ कर यहां ला रहे हैं। ऐसे एक दर्जन युवक शेखपुरा जिले के विभिन्न गांवों में पुराने कपड़े से रूई बनाने के स्टार्टअप के साथ अच्छी कमाई कर रहे है।

पैसे के अभाव के कारण बहुत से युवक रोजगार के स्टार्टअप की जानकारी होते हुए भी इसे नहीं कर पाते। राज्य सरकार चाहे तो इस तरह के स्टार्टअप देकर काफी संख्या में गरीब मजदूरों का पलायन रोक सकती है।

सुपौल, अररिया व पूर्णिया जिले से बरबीघा, शेखोपुरसराय प्रखंड के कई गांवों में ऐसे ही स्टार्टअप से अपना भरण पोषण करने वाले युवकों में मो रौवल ने बताया कि फटे-पुराने, बेकार पड़े कपड़ों से वह इस मशीन से रुई तैयार कर 50 रुपये किलो के हिसाब से गद्दे, तोशक आदि तैयार कर देते हैं। पुराने कपड़े खत्म होने तक उस गांव में रहते हैं। फिर दूसरे गांव की ओर रुख करते हैं। युवक ने बताया कि पांच किलो कपड़े से साढ़े तीन किलो रुई तैयार होता है। एक गद्दे में 10किलो रुई की जरूरत होती है, जहां बाजार में एक गद्दा तैयार करने में दो हजार का खर्च आता है। वहीं घर बैठे लोगों को 500 में गद्दे तैयार मिल जाते हैं। एक घंटे में मशीन से 10 किलो रुई समेत दिनभर में प्रति व्यक्ति मजदूरी 500 रुपये निकल जाता है।

वहीं लोगों को कम लागत में बेकार पड़े कपड़े से नए गद्दे भी मिल जाते हैं। ये युवक पंजाब, हरियाणा आदि प्रदेशों से इस नए काम को सीखकर यहा आए हैं। युवक ने बताया कि एक लाख के लागत से इस रुई निर्माण मशीन को फगबाड़ा से लाया गया है। वे अभी तक झारखंड, बिहार के कई नगरों में जा चुके हैं। जहां से उन्हें अच्छी आमदनी भी हुई है।input jagran

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