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डेंगू का डंक : कोरोना के बाद अब पटना में डेंगू का कहर,रामकृष्ण नगर मोहल्ले में सबसे अधिक मरीज

कोरोना के बाद अब डेंगू पटनावासियों को सता रहा है। राज्य में अबतक डेंगू के 275 मामले आए हैं, जिसमें 205 केस केवल पटना के हैं। राजधानी में डेंगू के कहर का सबसे बड़ा कारण शहर की गंदगी है। साफ-सफाई की समस्या डेंगू को बुलावा दे रही है। एक्सपर्ट का मानना है कि अभी भी नहीं चेते तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पटना में रामकृष्ण नगर ऐसा मोहल्ला है, जहां डेंगू के मामले सबसे अधिक हैं। वर्ष 2019 में भी इसी मोहल्ले में सबसे अधिक डेंगू के मामले आए थे। पटना में जल जमाव के कारण भी डेंगू के मामले अधिक हैं। कई ऐसी कॉलोनियां हैं जहां जल निकासी को लेकर कोई प्लानिंग ही नहीं है। इस कारण से भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।

पटना में बढ़ रहा डेंगू का खतरा
पटना में डेंगू का मामला तेजी से बढ़ रहा है। बिहार में जितना मामला है उसमें सबसे अधिक पटना में है। पटना में 205 मामले अभी तक है जबकि पूरे बिहार में 275 मामले आए हैं। कोरोना में भी ऐसा ही था, कोरोना में सबसे अधिक मामले पटना में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के मामले में भी लापरवाही पटना में सामने आई और डेंगू में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है।
जल-जमाव के कारण डेंगू प्रबल
पटना में डेंगू के मामले के लिए सरकारी तंत्र जिम्मेदार है। यहां सीवरेज से लेकर साफ सफाई का मामला लोगों को डेंगू के जाल में फंसा रहा है। पटना में रामकृष्ण नगर मोहल्ले ऐसा है जहां डेंगू के मामले अधिक हैं। वर्ष 2019 में भी इसी मोहल्ले में सबसे अधिक डेंगू के मामले आए थे। एक्सपर्ट का कहना है कि पटना में जल जमाव के कारण भी डेंगू के मामले अधिक हैं। कई ऐसी कॉलोनियां हैं जहां जल निकासी को लेकर कोई प्लानिंग ही नहीं है। इस कारण से भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में भी ऐसे इलाकों में डेंगू के मामले अधिक हैं जहां सीवरेज और जलजमाव की समस्या अधिक है। ऐसे ही पटना में ही है। पटना में भी जहां जल जमाव है वहां डेंगू के अधिक मामले हैं। सीवरेज की समस्या के साथ जलजमाव भी बड़ी चुनौती है। पटना के राजीवनगर का खुला नाला भी लोगों को डेंगू की समस्या में डाल रहा है।

सावधानी से डेंगू को दें मात
डॉक्टरों का कहना है कि सावधानी से ही डेंगू को मात दिया जा सकता है। डॉ. राणा एसपी सिंह का कहना है कि डेंगू में बचाव ही कारगर उपाय है। घर में कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें। आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। दवा का छिड़काव और साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए। फुल स्लीव का कपड़ा पहनें जिससे मच्छर नहीं काटने पाएं। मच्छरदानी का उपयोग करें, मच्छरों से बचाव का अन्य साधन इस्तेमाल करें। बुखार हो तो खुद से केवल पारासिटामोल का इस्तेमाल करें। दर्द की दवाएं कभी नहीं लें। अगर सिर में दर्द और कमर में दर्द हो साथ उल्टी लग रही हो और बुखार भी नहीं उतर रहा हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसे में दर्द की दवाएं लेना घातक हो सकता है।source

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