शेखपुरा

सरस्वती पूजा शांति पूर्वक मनाने को लेकर शांति समिति की जिलास्तरीय बैठक

सरस्वती पूजा शांति पूर्वक मनाने को लेकर शांति समिति की जिलास्तरीय बैठक शेखपुरा । शनिवार को समाहरणालय के मंथन सभा कक्ष में उप विकास आयुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में सरस्वती पूजा के अवसर पर शांति बनाए रखने के लिए शांति समिति की बैठक हुई।मैट्रिक परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सरस्वती माता की मूर्तियों का विसर्जन 17 फरवरी को सुबह 7:00 तक अवश्य करने का निर्देश दिया गया।

डीजे बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इस अवसर पर शरारती एवं सांप्रदायिक तत्वों के द्वारा घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए एवम विधि व्यवस्था संधारण के लिए जिला प्रशासन के द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है। विधि व्यवस्था संधारण करने के लिए सभी बी डी ओ , सी ओ एवं थाना अध्यक्ष को सूचना संग्रह करने का निर्देश दिया गया है। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी असामाजिक तत्वों एवम उपद्रवियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है ।

शरारती तत्व तथा पूजा पंडालों के समीप अथवा अन्य महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार करने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ।कोई प्रतिमा या पंडाल बिना सक्षम प्राधिकार के अनुमति के स्थापित नहीं होगा। प्रतिमा के विसर्जन जुलूस मार्ग एवं समय आदि को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया गया है ।जुलूस के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। जुलूस को निकालते समय उसका समय निर्धारित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि स्थानों पर विधि व्यवस्था संधारण और निगरानी के लिए कई निर्देश दिए गए हैं ।

अफवाहों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के द्वारा हर संभव कदम उठाया गया है ।अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित करते हुए कठोर कार्रवाई करने का निर्देश सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को दिया गया है । राज्य में पूर्ण शराब बंदी लागू है इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उत्पाद अधीक्षक विधि सम्मत कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे ।अनुमंडल पुलिस अधिकारी को अवैध अग्नेशास्त्र तथा विस्फोटक पदार्थ की बरामदगी के लिए कई आवश्यक निर्देश दिया गया है । पूजा के अवसर पर शांति बनाए रखने के लिए सभी शांति समितियों को गठन कर समय पर बैठक बुलाने का निर्देश दिया गया है ।

सभी थाना अध्यक्ष शांति समिति की बैठक में पूजा समिति के सदस्यों को यह स्पष्ट निर्देश दें कि बिना सक्षम प्राधिकार से अनुमति प्राप्त किए कोई पंडाल या मूर्ति स्थापित होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र का भी प्रयोग भी नहीं होगा ।मूर्ति का विसर्जन निर्धारित मार्ग एवं समय पर किया जाएगा कराया जाएगा ।विसर्जन के दौरान या पूजा पंडाल में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों को कठोरता से निपटा जाएगा।

जिले के 2 दर्जन से अधिक संवेदनशील स्थलों पर स्टैटिक दंडाधिकारी के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। दंडाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की गई है जो अपने अपने निर्धारित स्थलों पर उपस्थित होकर विधि व्यवस्था का संधारण करना सुनिश्चित करेंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेवारी स्टैटिक दंडाधिकारी अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी दिया गया है। शांतिपूर्ण तरीके से इस पर्व को मनाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक व्यवस्था के प्रभार में रहेंगे रखेंगे ।

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