शेखपुरा न्यूज़

70000 रुपए घूस लेते सरकारी कानूनगो और अमीन को निगरानी टीम ने रंगेहाथ दबोचा

शेखपुरा न्यूज़। मंगलवार के दिन जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत जयरामपुर थाना क्षेत्र के काशी बीघा गांव स्थित तेउस पंचायत भवन में पटना से पहुंची निगरानी विभाग डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने भूमि सर्वे कार्य में लगे एक सरकारी कानूनगो और एक अमीन को 70000 रुपए की राशि एक किसान से घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर ली। बंदोबस्त विभाग द्वारा पंचायत सरकार भवन में भूमि सर्वे कार्य के सर्वे कैंप में दोनो को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के तुरंत बाद निगरानी टीम अपने साथ लेकर पटना वापस लौट गई। निगरानी टीम में दो अन्य डीएसपी समीर चंद्र झा और सुजीत सागर शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि निगरानी विभाग में इसको लेकर एक किसान डॉक्टर अंजनी कुमार नामक किसान द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसी शिकायत के आलोक में घेराबंदी करते हुए पंचायत भवन में छापेमारी की गई।

70000 रुपए घूस लेते रंगेहाथ दबोचा

इस छापेमारी में कानूनगो संजीत कुमार और अमीन सोनी कुमार को घूस लेते हुए पकड़ा गया है। इस बाबत जयरामपुर थाना अध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि निगरानी टीम द्वारा छापामारी की सूचना उन्हे अन्य सूत्रों से मिली है। उन्होंने कहा कि निगरानी टीम द्वारा दोनो की गिरफ्तारी के बाद उन्हें लेकर पटना वापस चले जाने की सूचना मिली है। इस छापामारी का स्थानीय थाना पुलिस को कोई भनक नहीं मिली। अभी तक इस मामले को लेकर निगरानी विभाग से शिकायत करने वाले किसान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।बता दें कि पंचायत में जमीन सर्वे के नाम पर घूस लेने का मामला सुर्खियों में रहा था। सूत्रों ने बताया कि पहले भी इस मामले में काफी विवाद हुआ था। आम लोगों ने इसको लेकर उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की थी ।

पंचायत भवन में कानूनगो और अमीन के द्वारा सरेआम मोटी राशि वसूल कर सर्वे में जमीन चढ़ाने का मामला आ रहा था। जिले में इस तरह के सर्वे के मामले में पैसा लेने का मामला खूब चर्चा में रहा है। पिछले दिनों इस को लेकर प्रखंड स्तर से लेकर किसानों और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने जमकर आंदोलन किया था और जिला स्तरीय आंदोलन में भी भारी भीड़ किसानों की उमड़ी थी। और किसानों ने जमीन के सर्वे में घूस लेने की बात कही थी। मालूम हो कि इस सर्वे के काम में किसानों को भारी फजीहत हो रही है। वास्तविक कागज होने के बाद भी बगैर पैसा लिए सर्वे में जमीन नहीं चढ़ाया जाता है और किसानों को दौड़ाया जाता है । 50 हजार और ₹100000 तक की मांग की जाती है और काफी हंगामा और विवाद के बाद बगैर घूस लिए जमीन सर्वे का नहीं चढ़ाया जाता है। डीएम तक भी यह मामला पहुंचा था। हाल ही में डीएम सावन कुमार ने बैठक कर इस पर सख्त चेतावनी दी थी। बावजूद सर्वे में लगे कर्मचारियों के द्वारा खुलेआम किया जा रहा था। सर्वे में इस परेशानी से किसानों को फजीहत हो रही। घूस लेते दो भूमि सर्वे कर्मी की गिरफ्तारी की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई है।

Source:शेखपुरा की हलचल

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