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ममता के दिल्ली दौरे पर बीजेपी नेता दिला रहे बेंगलुरु की याद, कहा- छह महीने भी नहीं टिकी ‘पिछली एकता’

बंगाल चुनाव मे जीत के बाद अब पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली जा रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी. ममता बनर्जी का यह दौरा बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बड़ा बयान दिया है,भाजपा नेताओं से इस बारे मे मीडिया ने सवाल किया तो भाजपा के नेताओं ने साल 2018 में बेंगलुरू के एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण का याद दिलाया. जहाँ ममता बनर्जी, मायावती और सोनिया गांधी ने अपनी एकता प्रदर्शित की थी.उस वक्त पर शरद पवार, अखिलेश और तेजस्वी यादव भी मौजूद थे.

भाजपा के एक बड़े नेता ने कहा की ‘सोनिया-मायावती के गले लगने और मायावती को प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनौती बनाकर पेश करने के बाद एकता का क्या हुआ? बीते समय मे एकता को छह महीने भी नहीं हुए थे जब मायावती ने कांग्रेस के खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ा था.’

भाजपा नेता ने कहा की अब लग रहा है कि मायावती के ‘चैलेंजर’ वाली जगह अब ममता बनर्जी ने ले ली.
ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल मे हुई बड़ी जीत ने यह साबित कर दिया की वह भाजपा को टककर देने मे सक्षम है. कांग्रेस के साथ ममता के यह समझौते को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी एकता के लिए एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. प्रशांत किशोर के साथ साथ ममता बनर्जी भी राजनीती की पक्की खिलाडी है और वह भाजपा को कड़ी टककर दे सकती है यह बात उन्होंने हाल ही मे हुए पश्चिम बंगाल चुनाव मे साबित भी कर दिया है.
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ कौन विपक्षी दल कितना मजबूत है इसका तो परीक्षा यूपी का 2024 से पहले होने वाले विधानसभा चुनाव में ही होगा

एक तरफ जहाँ टीएमसी और कांग्रेस कोविड और महंगाई के मुद्दे पर मोदी के खिलाफ साल 2024 की तस्वीर बना रही है लेकिन भाजपा को लगता है कि दोनों की महत्वाकांक्षाएं उन पर भारी पड़ जाएंगी.

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