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Motivational Story: सड़कों पर झाड़ू लगाने वाली औरत बन गयी एसडीएम, अपनी मेहनत से कामयाबी को अपने कदमों में झुकाया

Motivational Story सड़कों पर झाड़ू लगाने वाली औरत बन गयी एसडीएम, अपनी मेहनत से कामयाबी को अपने कदमों में झुकाया

कभी सड़कों पर झाड़ू लगाती थी, आज अपनी मेहनत से किस्मत को पलट कर अब बन गई है एसडीएम। हम और आप क्या इस बात पर शायद ही कोई विश्वास करे कि कोई झाड़ू लगाने वाली महिला किसी दिन अधिकारी बनकर हमारे सामने आ जाएगी। कभी जो हमारे घर के पास सड़क पर झाड़ू लगाने आती थी। हम उसे यह कहके बेइज्जत करते रहते थे कि अच्छे से झाड़ू लगाया करो कैसे लगाती हो? वो एक दिन हमारे सामने एसडीएम बैंक कर आ जाये तो क्या हो।

चलिए आज आपको एक ऐसी महिला की कहानी सुनाते है जो एक झाड़ू लगाने वाली महिला एसडीएम बन गयी सिर्फ और सिर्फ अपने मेहनत के बदौलत।ऐसे पल में कोई भी सोचने को मजबूर हो जायेगा की आखिर यह महिला अगर इतनी मेहनती थी की इसने अपनी किस्मत को पलट कर कामयाबी को अपने कदमों में झुका लिया तो उसने झाड़ू लगाना ही क्यों पसंद किया था। जानकार कोई भी पूरी तरह से मोटिवेट हो जायेगाऔर अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश जरूर करेगा। अगर मन में विश्वास हो और मेहनत लगन हो तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता।

राजस्थान के जोधपुर नगर निगम में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत एक महिला जोकि सफाई करके ही अपना पूरा घर चलाती थी। आज आशा कंडारा नाम की इस महिला ने मिसाल कायम कर दी है। अपनी मेहनत और लगन से आशा ने खुद की किस्मत को ही पलट दिया है। अब वह एसडीएम की कुर्सी संभालने के लिए तैयार हो चुकी है। आशा बताती है कि वह साफ सफाई के साथ-साथ खाली समय में किताबें लेकर बैठ जाती थी। सड़क किनारे सीढ़ियों पर जहां भी समय मिलता पढ़ाई करना शुरू कर देती थी।आज उन्हीं किताबों के दम पर आशा ने अपनी जिंदगी को ही उलट दिया है।

अगर हम एक नजर आशा की निजी जिंदगी पर डालें तो आशा 8 साल पहले ही पति के साथ अनबन के कारण अलग हो गई थी। जिसके बाद से आशा अपने दो बच्चों का पालन पोषण सफाईकर्मी के रूप में काम करके कर रही थी। नगर सफाई कर्मचारी के रूप में नियमित रूप से काम नहीं मिलने के कारण वह उच्चे पद पर बैठे अधिकारियों से गुहार भी लगा चुकी थी। बावजूद इसके भी कुछ नहीं हुआ लेकिन आज आशा अपने दम पर उस पद पर तैनात होगी जिस पद के अधिकारियों के पास जाकर आशा अपने लिए काम मांगती थी।

बता दें कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए आशा ने वर्ष 2018 में परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम अब आ चुका है। वह परीक्षा में सफल हो गई है। अनुसूचित जाति से आने वाली आशा अब एसडीएम का पदभार संभालेंगी।

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