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वादिये-कश्मीर का पहला दामाद बना महाराष्ट्र का ये लड़का, धारा 370 हटने के बाद शादी कर ले आया अपनी दुल्हनिया…

वादिये-कश्मीर का पहला दामाद बना महाराष्ट्र का ये लड़का, धारा 370 हटने के बाद शादी कर ले आया अपनी दुल्हनिया

कुछ समय पहले तक जम्मू-कश्मीर देश एक ऐसा राज्य था जहां किसी लड़की को किसी और राज्य की लड़के से शादी करनी होती थी, तो उसे अपने सारे अधिकार छोड़ने पड़ते थे। लेकिन अब नहीं क्योंकि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा प्राप्त अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया है।जिसके बाद अब ऐसा नहीं है कि अगर कोई लड़की दूसरे राज्य के लड़के से शादी करती है तो उसके अधिकार छीन लिए जाने चाहिए। धारा 370 हटने के बाद सबसे ज्यादा फायदा मिला है, जिसका उदाहरण आज देखने को मिला है।

दरअसल, महाराष्ट्र के फौजी युवक अजीत पाटिल और कश्मीर की हिंदू लड़की सुमन देवी का मामला सामने आया है। दरअसल महाराष्ट्र के सतारा जिले की तहसील के उंडेल गांव के रहने वाले अजीत प्रह्लाद पाटिल। जो भारतीय सेना में सेना शिक्षा निरीक्षक के पद पर पहली पोस्टिंग के रूप में वर्ष 2019 में झांसी पहुंचे थे।वहां उनका एक दोस्त भी उनके साथ काम कर रहा था और कश्मीर की सुमन देवी कुछ दिनों के लिए उनके घर मेहमान बनकर आई थीं। सुमन देवी कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की जोधानगर तहसील के पालमार गांव की रहने वाली थीं।

ऐसे में अजीत को अपने दोस्त कश्मीरी सिपाही के घर भी जाना था, इसलिए फौजी दोस्त ने अजीत को उसकी बहन सुमन देवी से मिलवाया। सुमन देवी को देखते ही पहली मुलाकात में ही अजीत उन्हें पसंद करने लगे, धीरे-धीरे दोनों की उम्र बढ़ने लगी और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।लेकिन उन दिनों तक धारा 370 इन दोनों के प्यार के बीच खड़ी थी। यह बात 9 अगस्त 2019 से पहले की है जब अजीत और सुमन एक दूसरे को पसंद करते थे लेकिन दोनों के बीच शादी की कोई बात नहीं हुई और न ही उनके घरवाले इसके पक्ष में थे।

लेकिन इसी बीच मार्च 2020 में अजीत अपने दोस्त के साथ कश्मीर के एक कार्यक्रम में गया और उसके बाद ही कोरोना वायरस लॉकडाउन हो गया. अब ऐसे में एक-दो दिन नहीं अजीत पूरे 3 महीने कश्मीर में रहा और इन 3 महीनों में अजीत और सुमन के बीच प्यार के फूल खिल गए और दोनों ने फैसला किया कि अब उन्हें शादी करनी है।धीरे-धीरे अजीत वापस झांसी पहुंचा और 3 महीने की ड्यूटी करने के बाद वह महाराष्ट्र में अपने गांव पहुंचा, जहां पहुंचकर उसने अपने घरवालों को सारी बात बताई. पहले तो परिवार भी कश्मीर के नाम को लेकर काफी घबराया हुआ था।

जिसके चलते अजीत और सुमन की पहली शादी कश्मीरी रीति रिवाज से 27 नवंबर 2020 को हुई थी और उसके बाद 18 दिसंबर 2020 को वहीं अपने गांव महाराष्ट्र में शादी कर ली. मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसले से पहला और सबसे बड़ा फायदा अजीत और सुमन देवी को मिला है, वे 2 दिन तक एक-दूसरे से जुड़ पाए हैं।लेकिन जब अजीत ने अनुच्छेद 370 को हटाने की बात नहीं की और कहा कि अब भी कोई सरकार के पास नहीं आएगा, तो बहू को अजीत के गांव में स्वागत के साथ लाने का फैसला किया गया। जिसके चलते दोनों शादी के लिए राजी हो गए, पहले शादी कश्मीरी रीति-रिवाजों से होगी और फिर महाराष्ट्र के रीति-रिवाजों के अनुसार।

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