धार्मिक

घर में कुत्ता पालना शुभ माना जाता है या अशुभ, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र

प्राचीन काल से कुत्ता इंसान का सबसे करीबी और वफादार जानवर रहा है. इसीलिए ज्यादातर लोग कुत्तों को पालने में दिलचस्पी दिखाते हैं. लेकिन धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इस्लाम धर्म में कुत्ते को जहां अछूत समझा जाता है वहीं सनातन धर्म में कुत्ते को पालने की कोई मनाही नहीं है. लेकिन वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में कुत्ता पालना शुभ माना जाता है. अगर आपके घर में कुत्ता नहीं है और आप पालने के बारे में सोच रहे हैं तो हम आपको इससे जुड़े कुछ वास्तु टिप्स बताने जा रहे हैं.

जानिए क्या है वास्तु के अनुसार कुत्ता पालने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कुत्ते को भैरव भगवान का दूत माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि कुत्तों को खाना खिलाने से यमदूत आसपास भी नहीं फटकते. वहीं कुत्ते भूत, प्रेत और आत्माओं को देखने की भी क्षमता रखते हैं और उनसे घर के आसपास बुरी आत्माएं नहीं फटकती हैं. अगर घर में कुत्ता है तो उसे घर के आसपास मौजूद भूत दिखाई दे जाएगा और वह भौंक-भौंककर परिवार के लोगों को सचेत कर देगा.

कुत्ता पालने से घर में प्रवेश करती है लक्ष्मी

ऐसी मान्यता है कि सुबह उठते ही कुत्ते को देखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसके साथ ही घर में लक्ष्मी प्रवेश करती हैं. इसीलिए ऐसा कहा जाता है कि घर में कुत्ता होना शुभ होता है. क्योंकि जब कुत्ता घर में होगा तो आप सबसे पहले उसे ही देखेंगे.

शनि भगवान होते हैं खुश

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, रोज कुत्ते को खाना खिलाने से भगवान शनि प्रसन्न होते हैं और उनकी खास कृपा बनी रहती है. इसके अलावा अगर कोई कुत्ते को तेल से चिपड़ी रोटी खिलाता है तो उसके राहु केतु का भी निवारन हो जाता है.

निसंतान दंपत्तियों के घर में गूंजती है किलकारी

ऐसा कहा जाता है कि जिन परिवार में बच्चे पैदा नहीं होते यानी जिन दंपतियों के बच्चे नहीं हैं वह कुत्ता पाल सकते हैं. कुत्ता पालने से घर में में बच्चे की किलकारियां जल्दी गूंजने लगती है यानी परिवार में बच्चे का जन्म हो सकता है. इसलिए ऐसे में अगर किसी दंपत्ति के बच्चा नहीं हो रहा तो उसे घर में कुत्ता पालना चाहिए.

source : opera news

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