भूमि विवाद को लेकर किया था नरसंहार के आरोपी कोआजीवन कारावास

शेखपुरा। जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ तल मुहल्ले में भूमि विवाद को लेकर 4 लोगों की गोली मारकर की गई हत्या और दो लोगों को घायल किए जाने के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने मामले के आरोपी उदय सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अलग से 50 हजार रूपए का अर्थ दंड की भी सजा सुनाया । इस बाबत अपर लोक अभियोजक शंभू शरण सिंह ने बताया कि बरबीघा थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव निवासी नरेश सिंह ,सुनील सिंह , नीलकमल सिंह और अलखदेब सिंह को भूमि विवाद के कारण अपराधियों ने महुआ तल में गोली मार कर हत्या कर दी थी।

सामूहिक हत्या के मामले में

जबकि गोली लगने से जटा शंकर सिंह और राजेंद्र सिंह घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि मृतक और घायल लोग महुआ तल मुहल्ले में जमीन खरीद कर उसी जमीन पर झोपड़ी बनाकर वहां मवेशी पालन कर रहे थे। तभी आठ की संख्या में पहुंचे हथियार बंद लोगों ने गत 11 जनवरी 1991 की तड़के सुबह पौने पांच बजे गोलियों से भूनकर चार लोगों की हत्या और दो लोगों को घायल कर दिया था। घटना के संबंध में राजेश कुमार उर्फ कारू सिंह द्वारा बरबीघा थाना में सामूहिक हत्या के खिलाफ एक प्राथमिकी बरबीघा थाना में दर्ज कराई गई थी। जिसमे आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इस नरसंहार के मामले में सात आरोपियों को कोर्ट द्वारा पूर्व में ही सजा सुनाई जा चुकी थी। लेकिन मामले का आरोपी और बरबीघा थाना नगर परिषद क्षेत्र के शेरपर गांव निवासी उदय सिंह फरार चल रहा था।

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घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी उदय सिंह लगभग 23 वर्षों बाद वर्ष 2013 में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।तबसे वह शेखपुरा जेल में बंद है। आज एडीजे तृतीय संजय सिंह ने दोषी करार आरोपी उदय सिंह को दोषी सजा सुनाया। बहस में अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर लोक अभियोजक शंभू शरण सिंह ने भाग लिया। मामले की सुनवाई के दौरान 6 गवाहों की गवाही हुई। इस बाबत अपर लोक अभियोजक ने बताया कि कोर्ट द्वारा आरोपी को धारा 307 के तहत 7 वर्ष और आर्म्स एक्ट के तहत 3 वर्ष की भी सजा सुनाया। सभी सजा एक साथ चलेगा।बाद में सजायफ्ता को कड़ी पुलिस निगरानी में शेखपुराजेल भेज दिया गया।

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