डीएम के अध्यक्षता में प्याज उत्पादन के बढ़ावा को लेकर किया गया बैठक

प्रेस विज्ञप्ति
जीविका, शेखपुरा
दिनांक : 31 मई 2022

शेखपुरा के प्याज को वैश्विक पटल पर लाने की मुहिम

शेखपुरा की धरती प्याज की उपज के लिए एक अलग ही पहचान रखता है। पूरे राज्य भर में यहां के प्याज का व्यापार बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसी क्रम में केंद्र सरकार की “वन डिस्ट्रिक्ट – वन प्रोडक्ट” योजना के तहत शेखपुरा जिले से प्याज एवं उसके उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को शेखपुरा जिलाधिकारी, श्री सावन कुमार की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई जिसमें जीविका परियोजना के राज्य परियोजना प्रबंधक-कृषि, श्री मनोज कुमार एवं इस योजना के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही माइक्रोसेव की टीम के साथ-साथ जिला परियोजना प्रबंधक, श्री संतोष कुमार सोनू एवं जिला की टीम ने भाग लिया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा “वन डिस्ट्रिक्ट – वन प्रोडक्ट” के क्रियान्वयन के लिए जीविका को आने वाले दिनों में शेखपुरा के प्याज को एक वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने की योजना बनाकर काम करने का निर्देश दिया। इस बाबत उन्होंने कहा कि बिहार के साथ-साथ पूरे देश-विदेश में शेखपुरा के प्याज के व्यवसायीकरण को लेकर बहुत काम करने की आवश्यकता है जिसके लिए इस योजना से जुड़े सभी किसानों का प्रशिक्षण होना बहुत जरूरी है। इस संबंध में उन्होंने एसपीएम-फार्म, श्री मनोज कुमार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित राष्ट्रीय प्याज अनुसंधान संस्थान में किसानों का प्रशिक्षण करवाने की बात कही।

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इस अवसर पर जीविका के राज्य परियोजना प्रबंधक-कृषि, श्री मनोज कुमार ने बताया कि जिले में प्याज के बेहतर फसल उत्पादन से लेकर इसके रख-रखाव और ग्रेडिंग सेंटर के साथ-साथ इसके गुणवत्ता जांच हेतु जांच लैब की स्थापना करने का निर्देश डीएम साहब ने दिया है। प्याज के साथ-साथ इसके वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट्स- फ्लेक्स, पाउडर, पेस्ट, प्योरी एवं अन्य उत्पादों का उत्पादन कर जीविका की “ग्रीन डिलाइट” ब्रांड में मार्केटिंग की जाएगी।

इस बैठक में भाग लिए जीविका डीपीएम श्री संतोष कुमार सोनू ने बताया कि जीविका परियोजना की “कल्याणी जीविका महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड” की स्थापना जिले के अरियरी प्रखंड में की गई है जो जिले के किसानों से प्याज खरीद कर उसे बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने में प्रयासरत है। वहीं दूसरी ओर अरियरी प्रखंड के चांदी गांव स्थित “सुखसागर प्याज प्रसंस्करण इकाई” द्वारा प्याज के पाउडर बनाने का कार्य भी जीविका की दीदियों द्वारा किया जा रहा है। बैठक में डीएम साहब से मार्गदर्शन मिलने के बाद हमारी पूरी टीम उक्त निर्देशों का पालन करते हुए जिले के प्याज की ब्रांडिंग करके “वन डिस्ट्रिक्ट – वन प्रोडक्ट” योजना के माध्यम से एक अलग पहचान दिलाने में जीविका परियोजना प्रयासरत रहेगी।

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