शेखपुरा

शेखपुरा : मिट्टी जांच के बाद गेहूं फसल की उपज में हुई बढ़ोतरी, क्रॉप कटिंग कर उत्पादन की गयी जांच फोटो-

 गेहूं फसल तैयार होते ही जिले के विभिन्न गांव में फसल की कटाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। वही अच्छे पैदावार को लेकर किसानों में खुशी देखी जा रही है। इसके साथ ही 2 दिन पूर्व बेमौसम हुई  बूंदाबांदी बारिश से किसानों को चिंता सताने लगी है और गेहूं की खड़ी फसल को जल्द से जल्द कटाई का भंडारण करने में लग गए हैं। वहीं कृषि विभाग के द्वारा क्रॉप कटिंग के माध्यम से विभिन्न गांव में अभियान चलाकर फसलों का उत्पादन की जांच कर रहे हैं।

जिसको लेकर कृषि विभाग के द्वारा सदर प्रखंड के फरीदपुर एवं घाटकुसुंबा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में क्रॉप कटिंग के माध्यम से गेहूं की फसल का उत्पादन का जांच किया गया। इसकी जानकारी देते हुए कृषि विभाग के रसायन सहायक निदेशक डॉ शालिनी कुमारी ने बताया कि जिस-जिस गांव में मिट्टी जांच कर फसल की बुवाई की गई थी। उन सभी गांव में अभियान चलाकर क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसलों के उत्पादन की जांच की जा रही है।

जिसमें पाया गया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं फसल का उत्पादन मिट्टी जांच के उपरांत दिए गए निर्देश को पालन करने से अच्छी पाई गई है। उन्होंने कहा कि खेत में एक साल में पांच फसल लेने व रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग के चलते मिट्टी की उर्वरा क्षमता प्रभावित हो रही है। जिसको लेकर जुलाई माह में कृषि विभाग के निर्देश पर फसलों के बेहतर उत्पादन को लेकर किसानों की कम लागत में आय बढ़ाने के लिए खेतों का मिट्टी की जांच की गई। जिसके तहत किसानों खेत की मिट्टी की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा था। जिसके अनुसार खेत में उपयोग किए जाने वाले उर्वरक के बारे में भी जानकारी दी गई।

साथ ही अधिकरासायनिक खाद के प्रयोग से होने वाले नुकसान को भी बताया गया। जिसको लेकर किसानों को मिट्टी के जांच रिपोर्ट के अनुसार ही किसानों को खेत में उर्वरक का उपयोग करने को निर्देश दिया गया। इसके साथ ही सभी किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करने पर बल दिया गया। जिसके कारण गेहूं की फसल का उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक पाया गया है।

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