शेखपुरा

शेखपुरा: 7 लाख की आबादी में हर दिन मात्र 350 लोगों को मिल रहा सरकारी भोजन, क्या ऐसे मिटेगी भूख ?

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है. लॉकडाउन में गरीब असहाय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. जिसे देखते हुए बिहार सरकार के निर्देश पर सामुदायिक किचन का शुभारंभ किया गया लेकिन यह अपने उद्देश्य में असफल सबित हो रहा है.

शेखपुरा: बिहार सरकार के निर्देश पर जिले में शुरुआती दौर में मात्र दो स्थानों पर सामुदायिक किचन का शुभारंभ किया गया था. लेकिन कुछ दिन पूर्व किये गए वर्चुअल संवाद के बाद सभी प्रखंडों में सामुदायिक किचन का शुभारंभ किया गया. गौरतलब है कि जिले में 6 प्रखंड हैं. इनमें शहरी क्षेत्र में 2 और ग्रामीण इलाकों में 4 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है.

7 लाख की आबादी में जिले में प्रत्येक दिन मात्र 350 लोग सामुदायिक किचन पहुंचकर भोजन कर रहे हैं. जबकि जिले में 80 फीसदी से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं.

सामुदायिक किचन का नहीं मिल रहा लाभ
शेखपुरा शहरी क्षेत्र के अंतर्गत अभ्यास मध्य विद्यालय एवं बरबीघा के प्लस 2 उच्च विद्यालय में चल रहे सामुदायिक किचन में मात्र आसपास के मोहल्लावासी एवं जरूरतमंद लोग ही भोजन कर पा रहे हैं. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में संचालित सामुदायिक किचन में दूरदराज के जरूरतमंद लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं. जहां किचन संचालित हो रहा है, बस उसी गांव के लोग इसका लाभ ले रहे हैं

पंचायत स्तर पर किचन की मांग
दरअसल विभिन्न प्रखंडों की बात करें तो लगभग 10 किलोमीटर इसकी परिधि है. ऐसे में सवाल उठता है कि लोग इतनी दूरी तय कर कैसे सामुदायिक किचन में पहुंच पाएंगे. ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार के द्वारा पंचायत स्तर पर सामुदायिक किचन चलाया जाये तो सभी जरूरतमंदों तक भोजन पहुंच पाएगा. लगभग सभी क्षेत्र के ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर सामुदायिक किचन संचालित करने की मांग की है.

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