शेखपुरा

इमाम साहब के पहल पर हुआ संस्थागत प्रसव

रिपोर्टर अजीत कुमार
बरबीघा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सभी लोग एक जुटता दिखा रहे हैं सभी लोग निःस्वार्थ भाव से अलग अलग प्रकार से लोगों को मदद कर रहे हैं । इसी कड़ी में फैज़ाबाद के इमाम तौसीफ इकबाल द्वारा लगातार लोगों को कोरोना से बरती जाने वाली सावधानी के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। उनके द्वारा बराबर लोगों से अपील की जा रही है कि बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकले अन्यथा घर और केवल घर में ही रहें। इसी क्रम में दिनांक गत 19 अप्रैल को रात के लगभग 10:30 बजे पिरामल फाउंडेशन के नीरज कुमार से सम्पर्क कर  नसरत अंसारी के पत्नी रानी खातून के प्रसव पीड़ा के बारे में बताया। तब नीरज कुमार के द्वारा तुरंत वहीं के आशा रेणु देवी से सम्पर्क कर अस्पताल ले जाने के लिए सलाह दिया गया ताकि सुरक्षित प्रसव हो सके।

 इमाम साहब फ़ौरन रानी खातून को आशा के साथ बरबीघा रेफरल अस्पताल भेज दिए। अस्पताल आने के बाद ए0एन0एम0 सुजाता कुमारी  जाँच करने  एवं उपचार के बाद रात में 11 बजकर 20 मिनट पर रानी खातून ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद माँ और नवजात बच्चे बिल्कुल स्वस्थ थे। इमाम साहब के ततपरता के कारण उसी समय बच्चे के कान में अजान पढ़कर बच्चे को स्तनपान करवाया गया। इमाम साहब के द्वारा आशा रेणु देवी, ए0एन0एम0 सुजाता कुमारी  सहित अस्पताल के सभी लोगों का धन्यवाद दिया और बोले कि इस कोरोना जैसी महामारी में भी अस्पताल के कर्मी लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए दिन रात लगे हुए हैं। जितनी भी तारीफ की जाय वो बहुत कम है। फैज़ाबाद के इमाम तौसीफ इकबाल द्वारा बताया गया कि पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं एवं योजनाओं के बारे में उतनी जानकारी नहीं थी। पिछले एक साल से पिरामल फाउंडेशन के नीरज कुमार के संपर्क में आने पर जिला स्तरीय सर्वधर्म के गुरुओं के साथ जिला पदाधिकारी के उपस्थिति में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ था उसके बाद लगातार नीरज जी मुलाकात और फोन से भी बात होती रहती है जिसके कारण स्वास्थ्य एवं पोषण से सम्बंधित तमाम तरह के संदेश जुमे के दिन माइक द्वारा दिया  लोगों को दिया जाता है एवं स्तनपान, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण स्वच्छता से सम्बंधित भ्रांतियां  जो समाज मे फैली हुई है उसको भी अपने स्तर से दूर करने का भरपूर  प्रयास किया जा रहा है। इमाम साहब द्वारा सभी लोगों से अपील करते हुए कहा गया कि कोरोना जैसी इस वैश्विक महामारी के दौरान अपने शिशु के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए संस्थागत प्रसव ही करवाये घर पर प्रसव करवाने से जच्चा और बच्चा दोनों की जान जा सकती है एवं सरकार द्वारा जारी सुविधाओं से भी वंचित रह जाते हैं लोग।

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