शेखपुरा

कोटा या दूसरे राज्यों से छात्रों को लाना सुनिश्चित करे सरकार: रालोसपा

रिपोर्टर अजीत कुमार

शेखपुरा: राजस्थान के कोटा में बिहार के करीब 7,500 छात्र फंसे हुए हैं।
बिहार सरकार आख़िरकार अनिर्णय की स्थिति में है। बिहार सरकार का रवैया प्रवासी मज़दूर वर्ग और छात्रों से बेरुख़ी भरा व्यवहार है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बात रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष अभियान समिति जीतेंद्र नाथ ने कही। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर में फँसे हमारे प्रवासी परिजन और छात्र लगातार सरकार से घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे है सरकार के कानों तक जूँ भी नहीं रेंग रही। बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार जी निष्ठुर शासक की तरह व्यवहार कर रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार अपने बच्चों को 300 बसों से कोटा से ला रही है। वहीं बिहार सरकार दंभ भर रही है और धमकाने के अंदाज में किसी को भी राज्य की सीमा में न घुसने देने की बात कर रहे हैं। जीतेन्द्र नाथ ने बताया कि शेखपुरा के भी दर्जनों बच्चे कोटा और दूसरे राज्यों में फंसे हैं। नाथ ने कहा कि ऐसे कठिन समय में जो बच्चे दूसरे राज्यों में फंसे हैं उनकी औसत उम्र 15 से 20 साल के बीच है। इस उम्र के बच्चे नाजुक मनोस्थिति वाले होते हैं। अगर ये बच्चे समय से नहीं लाए जाते हैं तब इनके अंदर अवसाद और डिप्रेशन का खतरा पैदा हो सकता है। यह स्थिति बहुत ही भयावह होगी। रालोसपा नेता ने कहा कि इन बच्चों को लाकर गृह जिला में कोरोनटाइन किया जा सकता है। इससे इन बच्चों को मानसिक संबल भी मिलेगा और परिजन भी राहत में रहेंगे। 
रालोसपा नेता ने जोर देकर कहा कि लंबे समय से सत्ता में बने रहने से नीतीश कुमार अहंकारी हो गए हैं और वो राज्य का अब अच्छा नहीं सोच पा रहे हैं। जहां दूसरे राज्य ततपरता से अपने लोगों को बचा रही है वहीं यहां की सरकार मीटिंग करने में व्यस्त है, पर क्रियान्वयन पूरी तरह से गायब है।
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top