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कौन हैं बिहार के नए डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और क्यों मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?

बीजेपी-जेडीयू गठबंधन वाली इस सरकार में इस बार एक सबसे ज्यादा अलग चीज जो है, वो यह कि इस बार नीतीश कुमार के बीजेपी से सबसे करीबी नेता सुशील कुमार मोदी उनके उपमुख्यमंत्री नहीं बने हैं. इस बार बिहार को दो उप-मुख्यमंत्री मिले हैं, तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी.

नई दिल्ली: Bihar Oath Ceremony : बिहार में नीतीश कुमार ने लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ली है. बीजेपी-जेडीयू गठबंधन वाली इस सरकार में इस बार एक सबसे ज्यादा अलग चीज जो है, वो यह कि इस बार नीतीश कुमार के बीजेपी से सबसे करीबी नेता सुशील कुमार मोदी उनके उपमुख्यमंत्री नहीं बने हैं. इस बार बिहार को दो उप-मुख्यमंत्री मिले हैं, और दोनों ही बीजेपी से. एनडीए की बैठक में बीजेपी के नेता तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है, वहीं, रेणु देवी को उपनेता चुना गया है. 

रविवार को दोनों नेताओं के चयन के साथ ही यह संकेत मिल गए थे कि बीजेपी बिहार में अपने दो उप-मुख्यमंत्री चाहती है. और अब सबकी नजर तारकिशोर प्रसाद पर है. 

आखिर कौन हैं तारकिशोर प्रसाद और उन्हे यह बड़ी जिम्मेदारी क्यों मिली है?

तारकिशोर प्रसाद कटिहार से बीजेपी के विधायक हैं. चौथी बार यहां से विधायक चुने गए हैं. उन्होंने आरजेडी के राम प्रकाश महतो को 82,105 वोटों से हराया है. उन्होंने महतो को 2005 में भी महज 605 वोटों के अंतर से हराया था.

वो बिहार के सीमांचल इलाके में पार्टी के एक्टिव नेता रहे हैं और खुद को पार्टी का सीमांचल का कार्यकर्ता मानते हैं. प्रसाद वैश्य समुदाय से आते हैं और उन्हें सुशील कुमार मोदी का करीबी माना जाता है. वो विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद सुशील मोदी से मुलाकात करने भी पहुंचे थे.

64 साल के तारकिशोर यादव महज 12वीं तक पढ़ हैं लेकिन बिहार बीजेपी के सीमांचल इलाकों में काफी पैठ रखने वाले नेता माने जाते हैं. ऐसे में एक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर चुके मजबूत नेता को कैबिनेट में बिठाना जबकि, बीजेपी को अब जेडीयू पर बढ़त मिली हुई है, पार्टी को बिहार की अपनी राजनीति में काफी फायदा पहुंचा सकता है. इसके अलावा सीमांचल के इलाकों में इस बार बीजेपी के प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, ऐसे में उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है. 

तारकिशोर प्रसाद का बीजेपी में पुराना इतिहास रहा है. उन्होंने बीजेपी के छात्र मोर्चा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की है, परिषद में उन्होंने कई दायित्वों को निभाया है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में अपना पेशा कृषि बताया है और उनकी शिक्षा इंटरमीडिएट पास बताई गई है. source

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