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भारत में कमजोर होती कोरोना की दूसरी लहर के बीच WHO की वैज्ञानिक ने ये चेतावनी दी

भारत में कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर की तुलना में अत्यंत घातक सिद्ध हुई है। रोजाना चार लाख से अधिक नये मामले और चार हजार से अधिक मौतों के आधिकारिक आंकडों के बाद अब मई महीने के दूसरे सप्ताह से महामारी कुछ ढीली पड़ती नजर आ रही है। देश में जानकारों का मानना है कि यदि लोग अभी जैसी सावधानी बरतते रहे तो मई महीना खत्म होते-होते दूसरी लहर काफी हद तक नियंत्रण में आ जायेगी। 

हालांकि दूसरी लहर से संबंधी इस अच्छी खबर के बीच WHO  की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सज्ञैम्या स्वामीनाथन ने कोरोना वायरस की आने वाले समय में आने वाली संभावित लहरों के बारे में चेतावनी जारी की है। द हिंदू को दिये एक साक्षात्कार में डॉ. स्वामीनाथन ने भारत के संदर्भ में कहा है कि यहां आने वाले 6 से 18 महीने बड़े महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बदलते वैरिएंट के कारण आने वाले समय में यह देखना होगा कि लोगों में खुद की इम्युनिटी या वैक्सीन के कारण पैदा होने वाली रोग प्रतिकारक शक्ति कितने लंबे समय तक कारगर रह पाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना का बदलता स्वरूप आने वाले समय में जोखिम खड़ा कर सकता है। 

डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि कोरोना की विपदा आने वाले महीनों में बहुत हद तक शिथिल पड़ जायेगी। वर्ष 2021 के अंत तक इसका असर काफी हद तक कमजोर पड़ जायेगा। दुनिया की आबादी का 30 प्रतिशत हिस्सा वैक्सिनेटेड हो जाए तो उसके बाद हालात तेजी से बेहतर होने लगेंगे। लेकिन भारत के लोगों को उस समय तक बेहद सतर्क रहना होगा। 

source : opera news

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