शेखपुरा न्यूज़

Elimination of child labor: बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर समीक्षा बैठक आयोजित, स्कूली छात्र -छात्राओं के साथ एक चर्चा में बाल श्रम कानून की दी जानकारियां

शेखपुरा। बुधवार को डॉ॰ चक्रपाणी हिमांशु, अध्यक्ष बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जबकि जिले के बरबीघा स्थित प्लस टू हाई स्कूल में छात्र – छात्राओं के बीच आयोजित एक कार्यक्रम में बाल श्रम और बाल श्रम कानून पर विस्तृत चर्चा की। आयोग के अध्यक्ष की मौजूदगी में एक ईट चिमनी भट्ठा पर काम करने वाले 4 बाल मजदूरों को बरबीघा शहर में ही ट्रैक्टर से ईट ढुलाई के दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों ने मुक्त कराया।

Elimination of child labor: बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर समीक्षा बैठक आयोजित, स्कूली छात्र -छात्राओं के साथ एक चर्चा में बाल श्रम कानून की दी जानकारियां
3 अधिकारियों के साथ बैठक करते चक्रपाणि

अपने संबोधन में अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के प्रावधान के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य लेना एवं 14 से 18 वर्ष के किशोरों से खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रियाओं यथा ईंट भट्ठा, खान, कोलयरी आदि जगहों पर काम लेना दंडनीय अपराध है। सरकार ने इसे संज्ञेय अपराध मानते हुये कड़े दंड का प्रावधान किया है। भारत ने बाल श्रम की समस्या एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है बाल श्रम रूपी जटिल समस्या पर विचार करने उनके कल्याण करने एवं पुनर्वास के उद्देश्य से स्वतंत्रता से लेकर अबतक केंद्र सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रयास किये गये है। इसी क्रम में राज्य सरकारों द्वारा भी उल्लेखनीय कदम उठायें गये है जिसमें हमारा बिहार राज्य का महत्वपूर्ण स्थान है।

बिहार देश का प्रथम राज्य है जहॉ बाल श्रम का आयोग का गठन किया गया है। बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष द्वारा पदाधिकारियों को संबोधित करते हुये बताया गया कि बाल श्रमिक पूर्ण रूप से तभी दूर होगा जब श्रमिकों के स्थिति में सुधार होगा इसके लिए हमें श्रमिक कल्याण की योजनाओं यथा मातृत्व लाभ, शिक्षा के लिए वितीय सहायता, विवाह के लिए वितीय सहायता, साइकिल क्रय योजना, औजार क्रय योजना, चिकित्सा सहायता योजना, पेंनशन, विकलांगता पेंशन, दाह संस्कार हेतु आर्थिक सहायता, मृत्यु लाभ, परिवार पेंशन पितृत्व लाभ आदि योजनाओं की जानकारी एवं श्रमिकों को सुलभ कराया जाय।

34 बाल मजदूरों को कराया मुक्त

श्रमिकों के पंजीकरण के लाभ के बारे में श्रमिकों जानकारी देने की आवश्यकता है।इस अवसर पर श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि वर्तमान वितीय वर्ष 2023-24 में कुल 40 से अधिक धावा दल का संचालन किया गया जिसमें कुल 34 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया एवं सभी पात्र बाल श्रमिकों को विभाग द्वारा दी जानेवाली राशि उपलब्ध करायें जाने हेतु विभाग को अधियाचना भेजी गई है। जिलें में वर्तमान वितीय वर्ष में 4 हजार सहित कुल 21 हजार श्रमिकों का निबंधन कराया गया है। कौशल विकास योजना अंतर्गत 632 लोगों को लाभ उपलब्ध कराया गया है। उक्त समीक्षा बैठक में डीडीसी, सिविल सर्जन, डीडब्लूओ सहित जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित थें।

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