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बंगाल: भाजपा के 2 विधायकों का इस्तीफा, टीएमसी को मिला मौका

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद भी सियासी घमासान थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इस बीच भाजपा के दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद विधानसभा में पार्टी के सदस्यों की संख्या 77 से घटकर 75 हो गई है। ये दोनों सांसद हैं। ये विधानसभा चुनाव जीते और विधायक बने, लेकिन इनका सांसद बने रहना पार्टी को ज्यादा ठीक लगा।

कूच बिहार के सांसद निशीथ प्रमाणिक जिले के दिनहाटा से विधायक चुने गए थे इसी तरह राणाघाट के बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार नदिया जिले के शांतिपुर से जीतकर विधायक बने, लेकिन दोनों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। प्रमाणिक ने कहा, “हमने पार्टी के फैसले का पालन किया है। पार्टी ने फैसला किया है कि हमें अपनी विधानसभा सीटों से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव में चार लोकसभा सांसदों को मैदान में उतारा था प्रमाणिक और सरकार के अलावा  पार्टी ने लॉकेट चटर्जी और बाबुल सुप्रियो को मैदान में उतारा था, जबकि राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता पांचवें सांसद थे. दासगुप्ता ने तारकेश्वर सीट से अपना नामांकन दाखिल करने से पहले इस्तीफा दे दिया था, मगर वह विधानसभा चुनाव हार गए। लॉकेट चटर्जी और बाबुल सुप्रियो भी हार गए।

तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “बीजेपी ने बंगाल चुनाव में चार लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद को मैदान में उतारा था।उनमें से तीन चुनाव हार गए और दो जीते. इन दो विजयी विधायकों ने आज इस्तीफा भी दे दिया. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी ने चुनाव में शून्य हासिल करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।” बता दें कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हुई हिंसा को लेकर भाजपा जहां सत्तारूढ टीएमसी के ऊपर हमलावर है, वहीं ममता सरकार इसे एक साजिश बता रही है। हिंसा की घटनाओं को लेकर शपथ ग्रहण समारोह में भी सीएम

तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “बीजेपी ने बंगाल चुनाव में चार लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद को मैदान में उतारा था।उनमें से तीन चुनाव हार गए और दो जीते. इन दो विजयी विधायकों ने आज इस्तीफा भी दे दिया. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी ने चुनाव में शून्य हासिल करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।” बता दें कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हुई हिंसा को लेकर भाजपा जहां सत्तारूढ टीएमसी के ऊपर हमलावर है, वहीं ममता सरकार इसे एक साजिश बता रही है। हिंसा की घटनाओं को लेकर शपथ ग्रहण समारोह में भी सीएम ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते हुए नजर आए।

source : opera news

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