शेखपुरा

शेखपुरा में कांग्रेस ऑफिस राजो बाबू की है संपत्ति, कांग्रेस का कुछ नहीं?

शेखपुरा में कांग्रेस ऑफिस राजो बाबू की है संपत्ति, कांग्रेस का कुछ नहीं

शेखपुरा : जिलें के कांग्रेस ऑफिस पर कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है. कई लोग कांग्रेस ऑफिस में कांग्रेस का कुछ नहीं होने का दावा करते हुए राजो बाबू की स्मृति स्मारक बता रहे हैं. उधर कांग्रेस से जुड़े नेताओं के द्वारा अधिकारियों और पुलिस से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं.

शेखपुरा कांग्रेस ऑफिस में जदयू विधायक सुदर्शन कुमार द्वारा जबरन ताला लगा दिया गया है. जदयू के इस दादागिरी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।@BHAKTACHARANDAS@DrMadanMohanJha@RahulGandhi @NitishKumarpic.twitter.com/Jmz7oAlvFH
— Mukesh Singh (@Mukesh_barbigha) February 24, २०२१

जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में जदयू के विधायक सुदर्शन कुमार इसे अपने दादा एवं पूर्व सांसद स्व राजो बाबू की संपत्ति बताते हुए कांग्रेस की संपत्ति होने की बात से इनकार कर दिया है। मीडिया से उन्होंने बातचीत में यह बात कही है.

उधर बुधवार को शेखपुरा जिला कांग्रेस ऑफिस में तालाबंदी कर दी गई. 27 फरवरी को यहां कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का समारोह होना है. आंदोलन की शुरुआत यहीं से होनी थी. परंतु जदयू विधायक के ग्रामीण एवं समर्थक कार्यकर्ताओं ने यहां पर समारोह नहीं होने देने का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस के नेता जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. कांग्रेसी नेता बरबीघा के तेउस निवासी मुकेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस की यह धरोहर है. यहां प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा का कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित है. राष्ट्रीय स्तर के नेता भी यहां शामिल होंगे. इस तरह का विवाद जदयू विधायक के द्वारा उठाया गया है. जो गलत है.

जदयू के द्वारा जानबूझकर कांग्रेस कार्यालय पर कब्जे की साजिश की जा रही है. जिसे सफल होने नहीं दिया जाएगा और इसको लेकर कांग्रेसी एकजुट है. जिला अध्यक्ष सुंदर साहनी के द्वारा पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी से इसकी शिकायत भी की गई है.

बता दें कि वर्तमान बरबीघा जदयू विधायक सुदर्शन कुमार पहले बरबीघा से कांग्रेस के विधायक थे. बाद में जदयू में चले गए. उनके भाई सत्यजीत कुमार पहले शेखपुरा जिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष थे. उन्हें हटाकर सुंदर साहनी को जिला अध्यक्ष बना दिया गया था. इसी से संगठन पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में विवाद यहां तक पहुंच गया है.

सोर्स: शेखपुरा ताज़ा खबरें

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